शादी का मैरिज सर्टिफिकेट और कानूनी दस्तावेज

शादी के कानूनी दस्तावेज — मैरिज रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया

शादी का रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी है?

भारत में शादी का कानूनी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, हर शादी का रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। यह पत्नी के अधिकारों की रक्षा करता है और कई कानूनी कामों में जरूरी है।

मैरिज सर्टिफिकेट के फायदे

  • पासपोर्ट और वीज़ा के लिए जरूरी
  • जॉइंट बैंक अकाउंट खोलने के लिए
  • पत्नी का नाम बदलने के लिए
  • इंश्योरेंस क्लेम में नॉमिनी प्रूफ के रूप में
  • प्रॉपर्टी में अधिकार के लिए

जरूरी दस्तावेज

  • दूल्हा-दुल्हन के आधार कार्ड
  • जन्म प्रमाणपत्र या 10वीं की मार्कशीट
  • शादी की तस्वीरें (कम से कम 2 जॉइंट फोटो)
  • शादी का निमंत्रण पत्र
  • 2 गवाहों के आधार कार्ड और फोटो
  • शपथ पत्र (एफिडेविट)

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

स्टेप 1: अपने जिले के SDM ऑफिस या नगर पालिका में आवेदन करें।

स्टेप 2: सभी दस्तावेज जमा करें और फीस भरें (₹100 से ₹500 तक)।

स्टेप 3: 30 दिन का नोटिस पीरियड होता है जिसमें कोई आपत्ति दर्ज कर सकता है।

स्टेप 4: नोटिस पीरियड के बाद, दोनों गवाहों के साथ SDM ऑफिस जाएं।

स्टेप 5: मैरिज सर्टिफिकेट जारी हो जाता है।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

कई राज्यों में अब ऑनलाइन मैरिज रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है। मध्य प्रदेश में mpenagarpalika.gov.in या mp.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

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Dhakad Bandhan

Content Writer at Dhakad Bandhan

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